29Please respect copyright.PENANAswQ5jYGk0Dयह रहा आपका अध्याय 14 —
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“कलम” का पूरा हिंदी अनुवाद, उसी सिनेमैटिक और भावनात्मक लय में जिसे आपने लिखा है।
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अध्याय 14कलम —वेरोनिका के रेस्तराँ के बाहर धूल बादलों की तरह घूम रही थी।
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दोपहर की हवा ने उसे उठा दिया था।
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बाज़ार में लोगों की आवाज़ें और हवा की सरसराहट एक साथ सुनाई दे रही थीं।वहाँ है ट्रेवेन।एक तंग गली में — मिट्टी, पत्थर और पसीना।
उसका जबड़ा कसा हुआ, आँखों में अपमान की आग।
कैथरीन उसके पास मंडरा रही थी, जैसे कोई घबराई हुई चिड़िया।
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लाल बाल हवा में बिखरे हुए, हरी बहती पोशाक हवा में लहराती हुई। वह ज़रूरत से ज़्यादा मुस्कुरा रही थी, जल्दी‑जल्दी हँसती, और ट्रेवेन की बाँह पकड़कर ऐसे खड़ी थी जैसे वहीं उसकी जगह हो।
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लेकिन ऐसा नहीं था।इमारत के किनारे मंदिर के पुजारी खड़े थे, उनकी छड़ें रेत में गड़ी हुईं।
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वे ऊबे हुए दिख रहे थे — कुछ नाराज़, कुछ बस उदासीन — ट्रेवेन की घबराहट से बिल्कुल प्रभावित नहीं।
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ट्रेवेन (तेज़ फुसफुसाहट में):
“तुमने कहा था यह काम करेगा!”
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पुजारी हिलता तक नहीं।
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वह ट्रेवेन को उस नापसंदगी और अस्वीकृति के भाव से देखता है जो केवल धार्मिक पुरुषों के चेहरे पर होती है।
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पुजारी:
“अगर कोई आदमी तुरंत फसल उगा सकता, तो हम पूरे समुदाय के रूप में इस मुसीबत में न होते।”
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दूसरा पुजारी:
“यह असंभव है… हमने अपनी पूरी कोशिश की है।”
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ट्रेवेन का चेहरा झटके से तना — निराशा उसके सजे‑धजे चेहरे को तोड़ती हुई।
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उसका करियर, उसका प्रभाव, राजा के साथ उसकी स्थिति — सब कुछ उसकी पकड़ से फिसलता महसूस हो रहा था।
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ट्रेवेन (तीखे स्वर में):
“तो फिर तुम कर क्या सकते हो?”
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पुजारी आह भरता है, अपनी छड़ी उठाता है, और उसे उस छोटे से खीरे के अंकुर की ओर इंगित करता है जो मिट्टी से झाँक रहा है।
एक छोटी आग की गेंद निकलती है।फ्वम्प।वह तुरंत जलकर राख हो जाता है।
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पुजारी मुस्कुराता है — आखिरकार संतुष्ट।पुजारी:
“अब ठीक है?”
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कैथरीन हँसती है, खुद को ट्रेवेन की बाँह से और सटाती हुई, जैसे वह कोई मज़ाक देख रही हो न कि एक बागवानी की हत्या।
ट्रेवेन उसे पूरी तरह अनदेखा करता है, उसकी आँखें पुजारी पर टिकी हैं — शुद्ध घृणा से भरी हुई।
वह पुजारी के हाथ से हरे पन्ने वाली छड़ी झपट लेता है, उसे ज़ोर‑ज़ोर से हिलाता है जैसे बलपूर्वक जादू निकाल लेगा।
पसीना उसके कनपटियों से टपकता है।
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ट्रेवेन:
“तुम सब निकम्मे, घटिया—”
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वह खुद को रोक लेता है।
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पुजारियों के चेहरे मुड़ जाते हैं — अपमानित, स्तब्ध, और थोड़े उत्सुक।
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पुजारी (सिर हिलाते हुए):
“आगे कहो…”
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कैथरीन अपने घुटनों पर हाथ रखे, दाँत चमकाते हुए मुस्कुरा रही है, हँसी रोकने की कोशिश में।
ट्रेवेन गुर्राता है, पैर से रेत पर एक रेखा खींचता है। एक नाटकीय धूल का गुबार उसके जूते के चारों ओर उठता है।
वह गुस्से में वहाँ से निकल जाता है, बाज़ार की भीड़ में खो जाता है।
कैथरीन उत्साहित होकर हाथ हिलाती है।
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कैथरीन:
“रुको, मेरा इंतज़ार करो!”वह अपनी पोशाक समेटती है और उसके पीछे दौड़ पड़ती है, दो बार लगभग गिरते‑गिरते संभलती है, और अंततः उसके पास पहुँच जाती है जब वह व्यस्त सड़क पार करता है।
लॉज का दरवाज़ा चरमराता है जब ट्रेवेन उसे धकेलता है — भारी लकड़ी उसका विरोध करती है।
अंदर की हवा ठंडी है, देवदार की खुशबू और कवच की धातु की गंध से भरी हुई।
बाहर की गर्म, धूल‑भरी अफ़रा‑तफ़री से बिल्कुल विपरीत।ट्रेवेन अंदर कदम रखता है।29Please respect copyright.PENANADPmIE4uaUl


